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कोविड-19: बिहार की सरकारी योजनाएँ कमजोर आबादी की सहायता कितने अच्छे से कर रहीं हैं?

कोविड-19 महामारी और उससे जुड़े लॉकडाउन का तत्काल प्रतिकूल प्रभाव ऐसे प्रवासी श्रमिकों और उनके परिवारों पर काफी अधिक देखा गया जिनकी अपने मूल गांवों में सरकारी योजनाओं तक पहुंचने की क्षमता अनिश्चित थी। ...

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जब आपराधिकता अपराध को जन्‍म देती है: निर्वाचित राजनेताओं की भूमिका

राजनीति का अपराधीकरण समाज के लिए एक बहुत बड़ा खतरा बन गया है। यद्यपि साहित्य में आपराधिक रूप से आरोपी नेताओं के आर्थिक परिणामों पर अध्ययन तो किया गया है, लेकिन उनके क्षेत्राधिकार में आपराधिक माहौल पर ...

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ड्यूएट-विकेंद्रीकृत शहरी रोजगार और प्रशिक्षण: संशोधित

सितंबर 2020 में, शहरी रोजगार के लिए ज्यां द्रेज़ का ड्यूएट (विकेंद्रीकृत शहरी रोज़गार एवं प्रशिक्षण) नामक प्रस्ताेव आइडियाज फॉर इंडिया पर प्रस्तु त किया गया था।इसके बाद आयोजित एक गहन परिसंवाद में ख्यात...

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एक महामारी के दौरान खाद्य और कृषि: प्रभावों का प्रबंधन

नोवल कोरोनोवायरस महामारी के बाद लॉकडाउन का एक महत्वपूर्ण प्रभाव यह हुआ है कि किसान और उपभोक्ता इस बात को लेकर असमंजस, अनिश्चितता और चिंता में हैं कि आखिर आने वाले हफ्तों में क्या होगा। इस पोस्ट में, स...

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कोविड-19: समाज के कमजोर वर्ग की सहायता तत्काल कैसे की जा सकती है

केंद्र सरकार ने अभी तक इस बात की कोई घोषणा नहीं की है कि भारत में फैले कोविड-19 को नियंत्रित करने के लिए लॉकडाउन के कारण पहले से ही सामना कर रहे आर्थिक आपातकाल से निपटने की उसकी क्या् योजना है। इस पोस...

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येस बैंक: एक संकट का गहन विश्‍लेषण

भारतीय बैंकिंग क्षेत्र में हाल के वर्षों में सामने आई धोखाधड़ी और असफलताओं की पूरी श्रृंखला, बैंकिंग पर्यवेक्षण की कमजोरियों को दर्शाती है। इस पोस्ट में, पांडे और प्रियदर्शिनी यह तर्क देते हैं कि रिज़...

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बच्‍चों के स्वास्थ्य पर कोयले का प्रभाव: भारत के कोयला विस्तार से साक्ष्य

हाल के वर्षों में, भारत में कोयले से हो रहे बिजली उत्पादन में बड़ी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। यह लेख भारत में कोयले से होने वाले बिजली उत्पादन से बच्‍चों के स्वास्थ्य और मानव संसाधन पर पड़ने वाले प्रभावों ...

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महिलाओं का कितना नुकसान? भारत में निजी स्कूलों में नामांकन का विश्लेषण

सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति और निजी स्कूलों की स्‍पष्‍ट दक्षता को देखते हुए, भारतीय माता-पिता द्वारा अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेजना तेज़ी से बढ़ रहा है। यह आलेख 2005-2012 के दौरान 7-18 वर्ष की ...

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भारत के आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20 में मानव विकास

मानव विकास के मानकों में हो रहे परिवर्तनों को मापने से हमें यह समझने में मदद मिल सकती है कि देश की अर्थव्यवस्था और मानव कल्‍याण में किस तरह के बदलाव आ रहे है। इस वर्ष के आर्थिक सर्वेक्षण के मानव विकास...

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ग्रामीण भारत में महिला श्रम-बल भागीदारी में गिरावट: आपूर्ति पक्ष

राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण के आंकड़ों के विश्लेषण से ज्ञात होता है कि भारत में महिला श्रम-बल भागीदारी के कम दर, ग्रामीण क्षेत्रों की विवाहित महिलाओं पर केंद्रित है। यह कॉलम सुझाव देता है कि आंशिक ...

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जलवायु क्षति के लिए अनुकूलन - विकासशील देशों के लिए वरदान या अभिशाप?

जलवायु पर अलग-अलग देशों की प्रतिबद्धताओं से यह साफ है कि पूरी दुनिया ग्लोबल वार्मिंग के ऐसे स्तर का सामना करने वाली है जिसकी सीमा सहनीय जलवायु नुकसान पहुंचाने वाले स्तर से काफी ऊपर होगी। और आगे चल के ...

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केंद्रीय बजट 2020 और भारत का आर्थिक भविष्य

इस पोस्ट में, निर्विकार सिंह ने यह चर्चा की है कि हम हाल ही में प्रस्तुत केंद्रीय बजट से भारत की अर्थव्यवस्था की संभावित दिशा के बारे में क्या जान सकते हैं। वे कहते हैं कि, हालांकि भारत की अर्थव्यवस्थ...

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आर्थिक सर्वेक्षण 2019-20: यह कृषि क्षेत्र की चुनौतियों का समाधान कैसे करेगा?

इस वर्ष का आर्थिक सर्वेक्षण, जोकि वित्त मंत्रालय का प्रतिनिधि दस्तावेज है, हाल ही में संसद में पेश किया गया था। यह ऐसे वक्त में आया है जिसमे भारत आर्थिक मंदी और ग्रामीण तंगी के दौर से गुजर रहा है। इस ...

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केंद्रीय-बजट 2020: बुनियादी ढांचे हेतु खर्च, हिस्‍सेदारी बेचना तथा संसाधनों को मध्यमवर्ग की ओर निर्देशन को प्राथमिकता

वित्त मंत्री सीतारमण ने 1 फरवरी को 2020-21 का केंद्रीय बजट पेश किया – यह उस समय आया है जब अर्थव्यवस्था आर्थिक मंदी का सामना कर रही है। इस पोस्ट में, निरंजन राजध्यक्ष ने कहा कि भले ही इस बार की कर-संबं...

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न्यायपालिका: अर्थव्यवस्था का एक प्रमुख स्तंभ

आर्थिक सर्वेक्षण 2018-19 में इस बात को मुख्‍य रूप से दर्शाया गया है कि भारत में ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस (व्यापार करने में आसानी) के लिए सबसे बड़ी बाधा ठेका (अनुबंध) प्रवर्तन और विवाद समाधान है, और यह भी की...

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