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उच्च वर्ग में विवाह (हाइपरगैमी) का अभाव और घरेलू हिंसा

उच्च वर्ग में विवाह (हाइपरगैमी) के अभाव - जब पत्नी की आर्थिक स्थिति उसके पति के बराबर या अधिक होती है, में क्या घरेलू हिंसा में वृद्धि होती है या कमी आती है, इसके बारे में प्राथमिक रूप से अस्पष्टता है...

  • लेख

डिजिटल सपना: भारत को भविष्य के लिए कौशल-निपुण बनाना

कोविड-19 महामारी ने हमारे जीवन में आम होती जा रही प्रौद्योगिकी की गति को तेज कर दिया है, इसने एक बड़े डिजिटल विभाजन को भी उजागर किया है, जिससे भारत की आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस प्रतिमान बदलाव से बाहर...

  • दृष्टिकोण

जलवायु संबंधी अपने लक्ष्यों को पूरा करने में भारत की प्रगति

जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौते के तहत भारत का लक्ष्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन की तीव्रता को वर्ष 2005 के स्तर से वर्ष 2030 तक 33-35% तक कम करना है। मनीषा जैन ने ‘आइडियाज फॉर इंडिया’ में प्रकाशित अपने प...

  • लेख
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कृषि कानून: वांछनीय होने के लिए डिजाइन में बहुत कुछ छूट गया है

सुखपाल सिंह कृषि विपणन के मौजूदा तंत्र के मद्देनजर कृषि कानून के संभावित निहितार्थों की जांच करते हैं और इसकी डिजाइन में कुछ खामियों को उजागर करते हैं। ...

  • दृष्टिकोण

कृषि कानून: कृषि विपणन का उदारीकरण आवश्यक है

कृषि कानून पर अपना दृष्टिकोण प्रदान करते हुए भरत रामास्वामी ने यह कहा है कि कृषि विपणन का उदारीकरण एक आवश्यक कदम है – पूर्व में सभी राजनीतिक विचारधाराओं द्वारा इसका समर्थन किया गया। इसमें बदलाव करना य...

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ई-संगोष्ठी का परिचय: नए कृषि कानून को समझना

क्या कृषि कानून किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेंगे? क्या किसानों को बाजारों तक विस्तारित पहुंच से लाभ मिल सकता है? क्या वे कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के कानून के कारण शहरी फर्मों के साथ अनुबंध स्थापित करने...

  • विचार-गोष्ठी

ड्यूएट: सकारात्‍मक दृष्टिकोण के साथ सावधानीपूर्वक कार्यान्‍वयन

शहरी रोजगार कार्यक्रम हेतु ज्यां द्रेज़ के ड्यूएट प्रस्‍ताव पर टिप्‍पणी करते हुए संदीप सुखटणकर यह विमर्श करते हैं कि संभावित आश्‍वासन और साथ ही इससे जुड़े स्‍वाभाविक मुद्दों (जिनका समाधान किया जाना है)...

  • दृष्टिकोण

ग्रामीण भारत में स्कूल का चयन: धारणा बनाम वास्तविकता

कम शुल्क वाले निजी स्कूलों की संख्या मे वृद्धि होने के साथ भारत में स्कूलों के विकल्पों में काफी वृद्धि हुई है और इसे स्कूली शिक्षा के लिए बाजार-आधारित दृष्टिकोण के अंतर्गत महत्वपूर्ण माना जाता है। ग्...

  • लेख

ड्यूएट: लागत और लाभों की तुलना

ज्यां द्रेज़ के ड्यूएट प्रस्‍ताव पर अपने विचार रखते हुए फर्ज़ाना आफ्रीदी यह तर्क देती हैं कि हमें सामान्‍य समतुल्‍यता कार्य संरचना के अंदर सरल आय आश्‍वासन योजना की बजाय, संभवत: प्रशासनिक रूप से जटिल शह...

  • दृष्टिकोण

कोविड-19: ‘आभासी महामारी’ और महिलाओं के खिलाफ हिंसा

महिलाओं के खिलाफ हिंसा दुनिया भर में एक समस्या है जिसकी आर्थिक लागतें वैश्विक जीडीपी में 1% से 4% तक आती हैं। यह लेख इस बात की जांच करता है कि भारत में कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान महिलाओं के खिलाफ हिंसा...

  • लेख

एक साथ कराए जाने वाले चुनाव, मतदाता का व्यवहार तथा चुनावी नतीजे

भारत सरकार का एक क्रियाशील नीतिगत प्रस्ताव है कि सभी राज्यों के विधानसभा चुनाव और राष्ट्रीय चुनाव एक साथ ही कराए जाएँ। यह लेख इस बात की जाँच करता है कि क्या राष्ट्रीय एवं राज्य के चुनाव एक साथ होने से...

  • लेख

ड्यूएट: दूसरे देशों के अनुभवों से सीखना

ज्यां द्रेज़ के ड्यूएट प्रस्ताव पर टिप्पणी करते हुए मार्टिन रेवेलियन यह सुझाव देते हैं कि इसमें तीन चरणों की आवश्यकता है: समान नीतियों वाले दूसरे देशों के अनुभवों से सीखना, वृद्धि पर विचार करने से पहले...

  • दृष्टिकोण

ड्यूएट: 'कैसे' से पहले 'क्यों' को संबोधित करना

ज्यां द्रेज़ के ड्यूएट प्रस्ताव और इससे संबंधित विचारों पर टिप्पणी करते हुए अशोक कोटवाल यह तर्क देते हैं कि हमें इस तरह के शहरी निर्माण कार्यक्रम के डिज़ाइन के विवरण का गहन अध्‍ययन करने से पहले इसके औच...

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ड्यूएट: रोजगार सृजन को शहरी स्थानीय निकायों में विकेंद्रीकृत करना

दिलीप मुखर्जी रोजगार सृजन को शहरी स्थानीय निकायों में विकेंद्रीकृत करने के ज्यां द्रेज़ के सुझाव का समर्थन करते हैं और कहते हैं कि अभी तक शहरी स्थानीय सरकार के अशक्‍त स्वभाव के कारण शहरी नवीकरण, स्वच्छ...

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ड्यूएट: छोटे शहरों के सार्वजनिक कार्यों में रोजगार कार्यक्रम

भारत के शहरों में, विशेषकर देश में युवाओं की बढ़ती हुई आबादी के बीच, बेरोजगारी एवं कम नियुक्तियों को देखते हुए प्रणब बर्धन शहरों के सार्वजनिक कार्यों में रोजगार कार्यक्रम की आवश्यकता पर बल देते हैं। उ...

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