शिक्षकों का विकास और स्कूल का प्रदर्शन- अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूलों से सात सबक
स्कूली शिक्षण प्रक्रिया में शिक्षकों की केन्द्रीय भूमिका का महत्त्व सब जानते हैं, फिर भी गुणवत्तापूर्ण परिणामों की राह में ज़मीनी स्तर पर चुनौतियाँ आती हैं। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के स्कूलों में हुए...
-
Amarjeet Sinha
21 नवंबर, 2025
- फ़ील्ड् नोट
क्या न्यायाधीश अपने जैसे प्रतिवादियों का पक्ष लेते हैं? भारतीय न्यायालयों से साक्ष्य
दुनिया भर में होने वाले शोध अध्ययनों से पता चला है कि सत्ता में विभिन्न पदों पर बैठे लोग उन लोगों को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सामाजिक पहचान उनसे मिलती-जुलती होती है। यह जानने के लिए कि क्या भारतीय न्...
-
Elliot Ash
Samuel Asher
Aditi Bhowmick
Sandeep Bhupatiraju
Christoph Goessmann
Daniel Li Chen
Paul Novosad
13 नवंबर, 2025
- लेख
ऊँची उपज और टिकाऊ कृषि के लिए उर्वरक उपयोग में संतुलन
बढ़ते प्रमाण दर्शाते हैं कि भारतीय किसान रासायनिक उर्वरकों का असंतुलित उपयोग करते हैं। आंशिक रूप से ऐसा विभिन्न प्रकार के उर्वरकों पर मिलने वाली अलग-अलग सब्सिडी के कारण है। चुनिंदा राज्यों के कृषि आँक...
-
Julian Arteaga
Klaus Deininger
11 नवंबर, 2025
- लेख
क्या ग्रामीण उत्तर भारत में अभी भी खुले में शौच प्रचलित है?
स्वच्छ भारत मिशन के बाद चार फोकस वाले राज्यों में प्रचलित खुले में शौच को समझने की कोशिश में, व्यास और गुप्ता एनएफएचएस-5 के निष्कर्षों का मूल्यांकन करते हैं। वे पाते हैं कि पारिवारिक स्तर पर एकत्र किए...
-
Aashish Gupta
Sangita Vyas
23 फ़रवरी, 2023
- लेख
मानव और पारिस्थितिकी तंत्र स्वास्थ्य किस प्रकार से आपस में जुड़े हुए हैं: भारत में गिद्धों की संख्या में गिरावट से साक्ष्य
भारत के किसान परंपरागत रूप से अपने मृत मवेशियों के शवों के निपटान हेतु गिद्धों पर भरोसा करते आये हैं। किन्तु आकस्मिक विषाक्तता के चलते भारत में गिद्धों की संख्या कम हो जाने के कारण मृत मवेशियों के शवो...
-
Eyal Frank
Anant Sudarshan
16 फ़रवरी, 2023
- लेख
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग हेतु आरक्षण को कुशलतापूर्वक क्रियान्वित करने की चुनौतियाँ
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के अनुसार आरक्षित श्रेणियों के सदस्यों को ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) के दायरे से बाहर कर दिया गया है। आयगुन, तुरहान और येनमेज़ इस निर्णय के निहितार्थों ...
-
Orhan Aygün
Bertan Turhan
M. Bumin Yenmez
31 जनवरी, 2023
- दृष्टिकोण
गवर्नेंस मैट्रिक्स: बदलाव हेतु सिस्टम की तैयारी को समझना
आदर्श परिणामों की अपेक्षा और किसी अपूर्ण प्रणाली की वास्तविकता के बीच के अंतर को स्पष्ट करने हेतु गौरव गोयल ने ‘गवर्नेंस मैट्रिक्स’ नामक एक ऐसा साधन प्रस्तुत किया है जिसका उपयोग सरकारी पहलों को सफलताप...
-
Gaurav Goel
25 जनवरी, 2023
- दृष्टिकोण
मजदूरों का एक विभाजन: भारत में जाति की पहचान और कार्य कुशलता
भारत में जातियाँ कुछ व्यवसायों से निकटता से सम्बद्ध हैं और ये लाखों लोगों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का निर्धारण करती हैं। इस अध्ययन में एक नए डेटासेट का उपयोग यह दिखाने के लिए किया गया है कि अभी भी...
-
Guilhem Cassan
Daniel Keniston
Tatjana Kleineberg
10 जनवरी, 2023
- लेख
वास्तविकताओं का प्रतिबिंब: महिला सूक्ष्म उद्यमियों की नज़र से डिजिटल टेक्नॉलजी
महामारी के दौरान भौतिक बाजारों से लेकर ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म तक हुए बाजारों के विस्तार के कारण भारत में पहले से मौजूद डिजिटल लैंगिक विभाजन और भी बढ़ गया है। ऑटो-फ़ोटोग्राफ़ी का तरीका अपनाते हुए, सेवा भार...
-
Aneysha Roy
03 जनवरी, 2023
- फ़ील्ड् नोट
राजनीतिक पद का समय और बेईमानी में लैंगिक अंतर: स्थानीय राजनीति से प्राप्त साक्ष्य
राजनीति में महिलाओं की हिस्सेदारी अधिक होना वर्तमान साहित्य में कम भ्रष्टाचार का संकेत माना गया है | ईमानदारी को एक अंतर्निहित या स्थिर चरित्र विशेषता के रूप में देखा जाता है। हालाँकि, पश्चिम बंगाल मे...
-
Ananish Chaudhuri
Vegard Iversen
Francesca R. Jensenius
Pushkar Maitra
20 दिसंबर, 2022
- लेख
संकट के दौरान फर्मों के राजनीतिक संबंधों की भूमिका
शोध कहता है कि आर्थिक संकट की स्थिति में किसी फर्म के लिए राजनीतिक संबंध मायने रखते हैं। इस लेख में, भारत में फर्मों के राजनीतिक कनेक्शन के बारे में एक अद्वितीय डेटा सेट के माध्यम से पाया गया कि दुर्ल...
-
Yutong Chen
Gaurav Chiplunkar
Sheetal Sekhri
Anirban Sen
Aaditeshwar Seth
15 दिसंबर, 2022
- लेख
विद्युत अधिनियम में संशोधन: सजग दृष्टिकोण की आवश्यकता
विद्युत अधिनियम, 2003 में हाल ही में प्रस्तावित संशोधन कुछ विधायी परिवर्तनों के साथ लगभग दो दशकों के बाद आया है। इस लेख में, दीक्षित और जोसे बिजली क्षेत्र के विकास- विशेष रूप से उस समय के दौरान प्रौद्...
-
Shantanu Dixit
Ann Josey
08 दिसंबर, 2022
- लेख
भारत में माध्यमिक शिक्षा तक पहुंच से संबंधित चुनौतियां
भारत की नवीनतम राष्ट्रीय शिक्षा नीति में वर्ष 2030 तक शिक्षा तक सार्वभौमिक पहुंच की परिकल्पना की गई है। हालांकि, प्राथमिक विद्यालयों में नामांकन अधिक होने के बावजूद माध्यमिक शिक्षा तक पहुंच कम रही है।...
-
Mridusmita Bordoloi
Sharad Pandey
01 दिसंबर, 2022
- लेख
भारतीय कानून जलवायु-संबंधी नियमन किस प्रकार से कर सकता है?
बढ़ती हुई जलवायु परिवर्तन चिंता का समाधान केवल नीति के माध्यम से शायद पर्याप्त नहीं है। इस लेख में, दुबाश और श्रीधर कहते हैं कि जलवायु-संबंधित कानून से अर्थव्यवस्था के व्यापक परिणामों को सुनिश्चित किय...
-
Navroz K. Dubash
Anirudh Sridhar
25 नवंबर, 2022
- लेख
भारत में बीमा: प्रधान मंत्री जन आरोग्य योजना की लक्ष्यीकरण संबंधी समस्या
भारत का सबसे बड़ा स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम गरीब और कमजोर आबादी पर लक्षित है जो कम से कम चिकित्सा देखभाल प्राप्त करने में सक्षम होंगे। तथापि, इस लेख में छाबड़ा और स्मिथ दर्शाते हैं कि राष्ट्रीय और राज्...
-
Sheena Chhabra
Owen Smith
16 नवंबर, 2022
- लेख




25 नवंबर, 2025