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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य: बच्चों के समग्र विकास पर ध्यान देना

शांतनु मिश्रा (सह-संस्थापक और ट्रस्टी, स्माइल फाउंडेशन) चर्चा करते है कि कैसे कोविड के कारण सामाजिक आवागमन और सामाजिक कार्यकलापों पर लगे प्रतिबंध एवं घर में अनुकूल माहौल बनाने के लिए वयस्कों पर पूर्ण ...

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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य: टेलीकाउंसलिंग के माध्यम से महिलाओं की मानसिक स्थिति में सुधार लाना

कोविड-19 जैसी सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति के कारण परिवार में निम्न सामाजिक-आर्थिक स्थिति, देखभाल की अधिक जिम्मेदारियां, और जीवन-साथी द्वारा हिंसा के खतरे के चलते महिलाओं में मानसिक स्वास्थ्य की ...

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कोविड-19 और मानसिक स्वास्थ्य: "इन्फोडेमिक" से लड़ाई, एक समय में एक फोन कॉल

भारत में कोविड-19 के बारे में जानकारी संप्रेषित करने की नीतियों में मुख्य रूप से टेक्स्ट संदेश और फोन कॉल की शुरुआत में रिकॉर्ड किए गए वॉयस मैसेज शामिल हैं। कर्नाटक में गारमेंट श्रमिकों के किये गए एक ...

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भारत में बच्चों की लंबाई: नए आंकड़े, परिचित चुनौतियां

भारत के बच्चे दुनिया के सबसे नाटे बच्चों में आते हैं। देश में बच्चों की लंबाई संबंधी जटिलता और विविधता की जांच के लिए इस आलेख में राष्ट्रीय पारिवारिक स्वास्थ्य सर्वेक्षण-4 (एनएफएचएस-4) के आंकड़ों का उ...

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सम्मान की संस्कृति में सहयोग करना सीखना

दुनिया के अनेक हिस्सों में हम साझा हितों को लेकर सहयोग करना सीखने के मामले में लगातार गड़बड़ी देखते हैं। सांस्कृतिक भिन्नताओं – अर्थात ऐसे विचार कि अपमान क्या होता है और उसका सही रिस्पांस क्या होता है –...

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किसकी शिक्षा मायने रखती है? भारत में अंतर्जातीय विवाहों का एक विश्लेषण

वर्ष 2011 में भारत में अंतर्जातीय विवाहों की दर 5.82 प्रतिशत के निम्न स्तर पर थी और पिछले चार दशकों के दौरान इसमें कोई वृद्धि का रुझान नहीं दिखा है। इस आलेख में भारत में अंतर्जातीय विवाहों और शिक्षा क...

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अंतरिम बजट 2019: तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था में बढ़ता राजकोषीय घाटा?

इस लेख में राजेस्वरी सेनगुप्ता ने हाल ही में घोषित केंद्रीय अंतरिम बजट की विभिन्न बारीकियों का विश्लेषण किया है जिनमें राजकोषीय सुदृढ़ीकरण के लक्षित मार्ग से भटकाव शामिल है। आधार से जुड़े बैंक खातों क...

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अन्य धर्मों को गंभीरता से लेना: भारत में हिंदुओं का तुलनात्मक सर्वे

जहां पिछले कुछ दशकों में राजनीति विज्ञान में धर्म का अध्ययन अनुसंधान के बढ़ते क्षेत्र के रूप में फिर से उभरा है, वहीं अधिकांश रिसर्च में अभी भी यहूदी, ईसाई, और इस्लाम पर फोकस किया जाता है। धर्म क्या ह...

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कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग और सरकार की भूमिका

कृषि उद्योगों के साथ किसानों को जोड़ने के लिए कृषि मंत्रालय ने मॉडल कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग एक्ट का प्रारूप जारी किया है, जो कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के लिए एक विनियामक और नीति ढांचा तैयार करना चाहता है। इस ल...

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क्या कोटा उच्चस्तरीय पदों के लिए उम्मीदवारों की संख्या बढ़ा सकते हैं? भारतीय राजनीति से साक्ष्य

क्या राजनीति में महिलाओं के लिए कोटा लंबे समय में संस्थागत परिवर्तन को प्रेरित कर सकता है? यह लेख इस बात की जाँच करता है कि क्या भारतीय स्थानीय सरकार में महिलाओं के लिए सकारात्मक विभेद का प्रभाव राज्य...

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पीडीएस में पसंद-आधारित विकल्प की आवश्यकता

भारत के प्रमुख खाद्य सुरक्षा कार्यक्रम पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) पर सार्वजनिक व्यय का एक बड़ा हिस्सा अपेक्षित लाभार्थियों तक नहीं पहुंचता है। इसलिए सब्सिडी वाले अनाज के बदले डायरेक्ट बेनिफ...

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मोदीकेयर के सफल आरंभ का रोडमैप

पिछले साल घोषित की गई नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन स्कीम पहले मौजूदा राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (रएसबीवाई) को अपने अंदर शामिल करती है, जिसने सबसे गरीब 30 करोड़ भारतीयों को अल्पकालिक अस्पताल के दौरे के लि...

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राजनेताओं का कष्ट, गरीब आदमी का लाभ: नजदीकी निर्वाचन क्षेत्रों में आय वितरण

स्टडीज में पब्लिक फंड्स के प्रवाह को दिशा देने में चुनावी प्रतिस्पर्धा की भूमिका को रेखांकित किया गया है। भारत के आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए इस लेख में पाया गया है कि लगभग बराबरी की प्रतिस्पर्धा वाल...

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किसान क्रेडिट कार्ड कार्यक्रम: ऋण की उपलब्ध्ता का विस्तार या ऋण का प्रसार?

किसान क्रेडिट कार्ड कार्यक्रम – भारत में कृषि उधार में एक महत्वपूर्ण सुधार – का आरम्भ हुए लगभग 20 वर्ष हो गए हैं। हालांकि, लक्षित लाभार्थियों पर इसके प्रभाव का थोड़ा अनुभवजन्य साक्ष्य है। इस लेख में प...

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क्या कृषि ऋण की माफी इतनी बुरी है?

विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न हदों तक कृषि ऋणों की माफी के आशय की घोषणाओं की मीडिया और अन्य टिप्पणीकारों द्वारा सख्त आलोचना की गई है। इस आलेख में डॉ. प्रनब सेन ने उन दावों की वैधता की जांच की ह...

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