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Posts by Farzana Afridi

प्रोद्योगिकी में लैंगिक परिवर्तन: कृषि मशीनीकरण से साक्ष्य

भारतीय कृषि में बढ़ते मशीनीकरण के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में विशेषकर महिलाओं के लिए कृषि रोजगार में कमी आई है। यह लेख दर्शाता है कि 1999-2011 के दौरान मशीनीकरण में 32 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जो कृष...

  • लेख

कोविड-19 संकट ने शहरी गरीबों को कैसे प्रभावित किया है? एक फोन सर्वेक्षण के निष्कर्ष-III

हालांकि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभाव को सभी जानते हैं परंतु इसके आर्थिक और मनोवैज्ञानिक आयामों पर अपेक्षाकृत कम साक्ष्‍य उपलब्‍ध है। दिल्ली के औद्योगिक समू...

  • फ़ील्ड् नोट

Gendering technological change: Evidence from agricultural mechanisation

Rising mechanisation in Indian agriculture has been accompanied by reduction in farm employment in rural areas, particularly for women. This article shows that the observed 32 percentage point increas...

  • Articles

How has the Covid-19 crisis affected the urban poor? Findings from a phone survey - III

While the devastating impact of the second Covid-19 on public health in India is well-known, there is relatively little evidence on its economic and psychological dimensions. Based on surveys in indus...

  • Notes from the Field

Did MNREGA cushion job losses during the pandemic?

The 2021-22 Budget allocation for MNREGA is 34% lower than the revised estimates for the programme in 2020-21. Analysing official MNREGA data, this article suggests that districts that have historical...

  • Articles

ड्यूएट: लागत और लाभों की तुलना

ज्यां द्रेज़ के ड्यूएट प्रस्‍ताव पर अपने विचार रखते हुए फर्ज़ाना आफ्रीदी यह तर्क देती हैं कि हमें सामान्‍य समतुल्‍यता कार्य संरचना के अंदर सरल आय आश्‍वासन योजना की बजाय, संभवत: प्रशासनिक रूप से जटिल शह...

  • दृष्टिकोण

DUET: Weighing the costs and benefits

Presenting her perspective on Drèze’s DUET proposal, Farzana Afridi contends that in the net, we need to evaluate the relative cost and benefit of having a potentially administratively complex urb...

  • Perspectives

कोविड-19: बिहार लौटते प्रवासी मजदूर, ग्रामीण आजीविका तथा सामाजिक सुरक्षा

कोविड-19 के प्रसार को कम करने के लिए लागू किए गए लॉकडाउन के कारण अनेक प्रवासी मजदूरों ने अपना रोज़गार गँवाया और उनमें से करीब 30 लाख से ज्‍यादा प्रवासी दूसरे राज्यों से बिहार लौटे। इस विषय पर प्रोफेस...

  • पॉडकास्ट

कोविड-19 संकट ने शहरी गरीबों को कैसे प्रभावित किया है? फोन सर्वेक्षण के निष्‍कर्ष - II

हालांकि कई टिप्पणीकारों ने चल रहे कोविड-19 संकट के कारण प्रवासियों की दुर्दशा को उजागर किया है, परंतु शहरी झुग्‍गी-झोंपडी बस्तियों में रह रहे कम आय वाले परिवारों के बारे में कम ही ज्ञात है। अफरीदी, ढि...

  • फ़ील्ड् नोट

कोविड-19 संकट ने शहरी गरीबों को कैसे प्रभावित किया है? - फोन सर्वेक्षण के निष्‍कर्ष - I

यद्यपि कई टिप्पणीकारों ने वर्तमान कोविड-19 संकट के कारण प्रवासियों की दुर्दशा पर प्रकाश डाला है, परंतु शहरी झुग्‍गी झोंपडी बस्तियों में रह रहे कम आय वाले परिवारों के बारे में बहुत कम ज्ञात है। इस नोट ...

  • फ़ील्ड् नोट

How has Covid-19 crisis affected urban poor? Findings from a phone survey - II

While several commentators have highlighted the plight of migrants due to the ongoing Covid-19 crisis, less is known about how low-income families living in urban shanty towns are faring. Afridi et al...

  • Notes from the Field

Webinar: Impact of Covid-19 on informal and migrant workers in India

The International Growth Centre (IGC), in collaboration with I4I, organised a Webinar on 'The impact of Covid-19 on informal and migrant workers in India', with Jean Drèze (Ranchi University), Farzan...

  • Perspectives