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कोविड-19 संकट ने शहरी गरीबों को कैसे प्रभावित किया है? एक फोन सर्वेक्षण के निष्कर्ष-III

हालांकि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभाव को सभी जानते हैं परंतु इसके आर्थिक और मनोवैज्ञानिक आयामों पर अपेक्षाकृत कम साक्ष्‍य उपलब्‍ध है। दिल्ली के औद्योगिक समू...

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दहेज ग्रामीण भारत में परिवार के फैसलों को कैसे प्रभावित करता है?

यह व्यापक रूप से माना जाता है कि भारतीय माता-पिता बेटी के पैदा होते ही दहेज के लिए बचत करना शुरू कर देते हैं। ग्रामीण भारत में दहेज पर दो-भाग की श्रृंखला के इस दूसरे भाग में, यह लेख इस बात की जांच करत...

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ग्रामीण भारत में दहेज प्रथा का क्रमिक उद्भव: 1960-2008 के साक्ष्य

1961 से अवैध घोषित किये जाने के बावजूद, दहेज परंपरा ग्रामीण भारत में व्यापक रूप से फैली हुई है। दो - भागों की श्रृंखला के इस पहले भाग में, यह लेख राज्यों और धार्मिक एवं सामाजिक समूहों में 1960 - 2008 ...

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दो बच्चों की सीमा का स्थानीय राजनेताओं पर प्रभाव

भारत के कुछ राज्यों में दो से अधिक बच्चों वाले व्यक्तियों को स्थानीय चुनाव लड़ने की इजाजत नहीं है। इस कॉलम से पता चलता है कि इस प्रकार के कानून के कारण ऐसे राज्यों में सामान्य जनता के बीच प्रजनन दर क...

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वंश मानदंड और महिलाओं की राजनीति में सहभागिता

स्थानीय राजनीति में महिलाओं के प्रतिनिधित्व हेतु आरक्षण ने हालांकि एक मार्ग प्रशस्त किया है, लेकिन इसने उन बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं किया जो महिलाओं को राजनीति में पूर्ण रूप से शामिल होने से रो...

  • लेख

भारत के स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में लैंगिक अंतर

भारत में कुल योग्यता-प्राप्त स्वास्थ्य कर्मियों में लगभग आधी महिलाएं होने के बावजूद, महिला स्वास्थ्य कर्मियों को एक स्पष्ट लैंगिक वेतन अंतर और अनुकूल कार्य-परिस्थितियों की कमी का सामना करना पड़ता है। ...

  • दृष्टिकोण

जीवनसाथी के द्वारा होने वाली हिंसा को कम करना: युवा पुरुषों के साथ एक आधार तैयार करना

बिहार में पांच में से दो विवाहित महिलाओं ने वैवाहिक हिंसा का अनुभव किया है। राज्य में युवा पुरुषों को लैंगिक परिवर्तनकारी जीवन-कौशल साझा करने वाले एक अध्ययन ‘दो कदम बराबरी की ओर’ कार्यक्रम के आधार पर ...

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आज़ादी के फल? महिलाओं की कार्य में भागीदारी और घरेलू उपकरणों को अपनाना

क्या महिलाओं की कार्य भागीदारी में वृद्धि घरेलू उपकरणों को अधिक अपनाये जाने का कारण बनती है, या मामला ठीक इसके विपरीत है? इस प्रश्न को हल करने के लिए, इस लेख में द्वितीय विश्व युद्ध की अवधि के अमेरिकी...

  • लेख

यौनकर्मी, कलंक और आत्‍म-छवि: कोलकाता के वेश्यालयों से साक्ष्य

गरीब या वंचित होना अक्सर कलंक का कारण बनता है, जो किसी व्यक्ति की आत्म-छवि को छिन्‍न-भिन्‍न कर सकता है, उप-इष्टतम विकल्पों को प्रेरित कर सकता है और परिणामस्वरूप व्‍यक्ति मनोवैज्ञानिक गरीबी के जाल में ...

  • लेख

महिलाओं को पीछे छोड़ दिया: सरकारी स्वास्थ्य बीमा के उपयोग में लैंगिक असमानताएँ

भारत में स्वास्थ्य नीति का एक प्रमुख लक्ष्य स्वास्थ्य सेवा में समानता लाना है। राजस्थान के प्रशासनिक आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए इस लेख में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि राज्य स्वास्थ्य बीमा कार्यक...

  • लेख

नेता और नागरिक: भारत में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी

भारत में आगामी राज्य चुनावों के संदर्भ में की जाने वाली चर्चाओं में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी एक प्रमुख तत्व के रूप में उभरी है। इस पोस्ट में, नलिनी गुलाटी और एला स्पेन्सर ने देश में महिलाओं के राज...

  • दृष्टिकोण

जीविकोपार्जन के लैंगिक मानदंड और कार्य निर्णय

यह मानदंड कि ‘एक पुरुष को अपनी पत्नी से अधिक अर्जित करना चाहिए’, विवाहित महिलाओं के श्रम-बाजार भाग लेने को गहरे रूप से प्रभावित करने की क्षमता रखता है। 1983 से 2012 तक की अवधि के दौरान भारत के राष्ट्र...

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