Tag Search: “सार्वजनिक स्वास्थ्य”

कोविड-19 संकट ने शहरी गरीबों को कैसे प्रभावित किया है? एक फोन सर्वेक्षण के निष्कर्ष-III

हालांकि भारत में कोविड-19 की दूसरी लहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य पर विनाशकारी प्रभाव को सभी जानते हैं परंतु इसके आर्थिक और मनोवैज्ञानिक आयामों पर अपेक्षाकृत कम साक्ष्‍य उपलब्‍ध है। दिल्ली के औद्योगिक समू...

  • फ़ील्ड् नोट

कोविड -19: क्या मोटापा कोई भूमिका निभाता है?

भारत में अतिपोषण एक प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य मुद्दा है। अधिक वजन या मोटापा कोविड -19 की वजह से होने वाली गंभीर बीमारी के प्रति व्यक्तियों को अधिक संवेदनशील बनाते हैं। कोविड -19 के जिला-स्तरीय डेटा औ...

  • लेख

भारत के स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन में लैंगिक अंतर

भारत में कुल योग्यता-प्राप्त स्वास्थ्य कर्मियों में लगभग आधी महिलाएं होने के बावजूद, महिला स्वास्थ्य कर्मियों को एक स्पष्ट लैंगिक वेतन अंतर और अनुकूल कार्य-परिस्थितियों की कमी का सामना करना पड़ता है। ...

  • दृष्टिकोण

कोविड-19: भारत की झुग्‍गी-बस्तियों में स्वास्थ्य तथा आर्थिक प्रभाव

प्रारंभिक अनुमानों में यह कहा गया था कि कोविड-19 से झुग्गी-बस्तियों में रहने वाले लोग सबसे बुरी तरह प्रभावित होंगे क्‍योंकि वे अत्‍यधिक घनी बसी आबादी में रहते हैं, वहां साझा नल होते हैं और वहां सामाजि...

  • फ़ील्ड् नोट

सूचना का प्रावधान और खाद्य सुरक्षा: शहरी भारत में एक क्षेत्रीय अध्ययन

हालांकि लाखों लोगों के दैनिक भोजन की खपत का एक महत्वपूर्ण भाग स्ट्रीट फूड है, तथापि इन खाद्य आपूर्ति श्रृंखलाओं की विश्वसनीयता और सुरक्षा लोगों के स्वास्थ्य के सन्दर्भ में एक प्रमुख सार्वजनिक चिंता बन...

  • लेख

यौनकर्मी, कलंक और आत्‍म-छवि: कोलकाता के वेश्यालयों से साक्ष्य

गरीब या वंचित होना अक्सर कलंक का कारण बनता है, जो किसी व्यक्ति की आत्म-छवि को छिन्‍न-भिन्‍न कर सकता है, उप-इष्टतम विकल्पों को प्रेरित कर सकता है और परिणामस्वरूप व्‍यक्ति मनोवैज्ञानिक गरीबी के जाल में ...

  • लेख

2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव: क्या कोविड-19 के बढ़ने से प्रभाव पड़ा?

पश्चिम बंगाल राज्य में हुए हाल के विधानसभा चुनावों में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस विजयी हुई है। इस लेख में घटक और मैत्रा ने 2016, 2019, तथा 2021 के चुनावी आंकड़ों का उपयोग करते हुए, चुनाव लड़ने वाले दल...

  • दृष्टिकोण

भारत के मानसिक स्वास्थ्य संकट को समझना

जब से कोविड-19 महामारी शुरू हुई है, तब से कई रिपोर्टों से यह संकेत मिला है कि अलग-अलग आयु वर्ग के व्यक्तियों के बीच मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति बिगड़ रही है। इस पोस्ट में, मिशेल मैरी बर्नडाइन ने भा...

  • लेख

महिलाओं को पीछे छोड़ दिया: सरकारी स्वास्थ्य बीमा के उपयोग में लैंगिक असमानताएँ

भारत में स्वास्थ्य नीति का एक प्रमुख लक्ष्य स्वास्थ्य सेवा में समानता लाना है। राजस्थान के प्रशासनिक आंकड़ों का विश्लेषण करते हुए इस लेख में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि राज्य स्वास्थ्य बीमा कार्यक...

  • लेख

बढ़ते शहरीकरण के प्रभाव में ग्रामीण भारत में बढ़ता हुआ मोटापा

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एनएफएचएस) 2015-16 के आंकड़ों के अनुसार भारत की लगभग 20% जनसंख्‍या मोटापे से ग्रस्त है। यह लेख बताता है कि देश में मोटापे की प्रवृत्ति ने इसके स्वाभाविक आर्थिक परिव...

  • लेख

ठोस कचरा प्रबंधन संबंधी चुनौतियां: पटना शहर का मामला

अपर्याप्त योजना के साथ तेजी से शहरीकरण ने भारत के कई शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन की समस्याओं को जन्म दिया है। इस नोट में, उमा शरमिष्‍ठा बिहार राज्य के पटना शहर में एक क्षेत्र अध्ययन से प्रारंभिक निष्कर...

  • लेख

क्‍या कोविड-19 के बढ़ते प्रसार में सामाजिक और आर्थिक विविधता मायने रखती है?

कोविड-19 के बढ़ते प्रसार को रोकने के लिए समुदायों को सामूहिक रूप से कार्य करने की आवश्यकता है, जो अधिक विविधत जनसंख्‍या वाले क्षेत्रों में अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है। भारत से जिला-स्तरीय आंकड़ों का उ...

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